जिंदगी है छोटी सी हर पल में खुश रहो

जिंदगी है छोटी सी हर पल में खुश रहो

1.जिंदगी है छोटी सी, हर पल में खुश रहो………..

ऑफिस में खुश रहो, घर में खुश रहो ……

आज पनीर नहीं है , दाल में खुश रहो ……

आज जिम जाने का समय नहीं है , दो कदम चल कर ही खुश रहो……

आज कोई नाराज है, उसके इस अंदाज में ही खुश रहो………

जिसे देख नहीं सकते, उसकी आवाज में ही खुश रहो…

BMW नहीं है तो TATA NANO में ही, खुश रहो…

जिसे पा नहीं सकते, उसकी यादों में ही ख़ुश रहो…….

लैपटॉप न मिटा तो क्या , डेस्कटॉप में ही खुश रहो ………..

बीता हुआ कल जा चूका है ,उसकी मीठी यादो में ही ख़ुश रहो…….

आज दोस्तों का साथ नहीं, टीवी देख कर ही ख़ुश रहो ……..

घर जा नहीं सकते उसकी आवाज फ़ोन कर के ही ख़ुश रहो ………

उसे पा ना सके उसकी यादो के सहारे ही खुश रहो……

उसकी मोहब्बत में ना सही उसकी नफरत में ही खुश रहो…….

हॅसते-हॅसते ये पल बीतेगे आज में ही खुश रहो…….

जिंदगी है छोटी, हर पल में खुश रहो………..



2. बारिश में कागज़ की कश्ती थी,
हर मौसम सुहाना होता था!

हर खेल में साथी होते थे,
हर रिश्ते निभाने होते थे !

पापा की वो डाट, पर मम्मी का मनाना होता था !

ग़म की ज़ुबान न होती थी,
न ज़ख्मो का पैमाना होता था !

रोने की वजह ना होती थी ना ही
हॅसने का बहाना होता था !

अब न रही वो ज़िंदगी……….

जैसा बचपन हमारा हुवा करता था……

3. इतने दोस्तों में भी एक दोस्त की तलाश है मुझे !

इतने अपनों में भी एक अपने की प्यास है मुझे !

छोड़ आता है हर कोई समंदर के बीच मुझे !

अब डूब रहा हूँ तो एक साहिल की तलाश है मुझे !

लड़ना चाहता हूँ इन अंधेरो के गमो से !

बस एक शमा के उजाले की तलाश है मुझे !

तंग आ चूका हूँ इस बेवक़्त की मौत से मैं !

अब एक हसीन ज़िन्दगी की तलाश है मुझे !

दीवाना हूँ मैं सब यही कह कर सताते है मुझे !

जो मुझे समझ सके उस हसीन की तलाश है मुझे !

या यूँ कहु की अपने कातिल की तलाश है मुझे !

जय हिन्द

Image source

3 thoughts on “जिंदगी है छोटी सी हर पल में खुश रहो

Leave a Comment