भारत के टॉप ५ हथियार

भारत के टॉप ५ हथियार

1.Sukhoi SU-30MKI with brahmos missile:- Su-30Mki दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है.कुल २७२ विमानों का सौदा रूस से हुवा है.पहला विमान २००२ में भारतीय वायुसेना को मिला.यह एक रशियन टेक्नोलॉजी है जिसका लाइसेंस्ड उत्पादन HAL(हिंदुस्तान एरोनॉटिकल लिमिटेड) कर रहा है. यह भारतीय वायुसेना का एकमात्र ४.५ जनरेशन का विमान है.एक Su-30Mki दो मिग-२९ और २ जगुआर के बराबर काम कर सकताहै.इसमें फ्रांस,इज़राइल, और भारतीय टेक्नोलॉजी से कई परिवर्तन कर भारतीय वायुसेना के लिए सबसे बेहतरीन विमान बनाया है.यह लगभग ४००० km तक मार कर सकता है.इसमें १२ हार्ड पॉइंट है जो ८००० kg तक के हथियार एक बार में लेजा सकते है.इसमें स्वदेशी और विदेशी electronic jamming pods के साथ ही anti-radiation missiles भी लगी हुई है.यह किसी भी देश की Air Defense (SEAD/DEAD) को बड़ी आसानी से ध्वस्त कर सकता है.ब्रह्मोस के साथ Su-30Mki एक formidable combination है. अब तक रूस भी ब्रह्मोस को अपने विमानों के साथ इंटेग्रटे नहीं कर पाया है.२९० किलोमीटर तक मार करने वाली यह दुनिया की सबसे तेज मिसाइल में से एक है.इसकी स्पीड Mach ३ है मतलब ध्वनि की रफ़्तार से भी ३ गुना ज्यादा स्पीड.यह मिसाइल ‘स्टीप डाइव कैपेबिलीटीज’ से सुसज्जित है.यह क्षमता दुनिया की कुछ चुनिंदा मिसाइल में ही है.इस क्षमता की वहज से यह मिसाइल दुश्मन की जगह बदलने पर अपना रास्ता बदल कर भी उस हमला कर सकती है.यह मिसाइल पहाड़ी इलाके में छुपे हुवे दुश्मन के ठिकानों पर भी सटीक हमला कर सकती है.Su-30Mkiऔर Brahmos का यह combination इसे दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों में से एक बनाती है.

2.INS Visakhapatnam (Destroyer) (Project 15B):- INS Visakhapatnam भारत का सबसे आधुनिकतम और सबसे बड़ा डिस्ट्रॉयर है.यह सबसे खतरनाक वॉरशिप में से एक है.यह ब्रह्मोस और बराक ८ जैसी खतरनाक मिसाइल से लैस है.यह अकेला पाकिस्तान की आधी नेवी को खत्म कर सकता है.यह stealth guided missile destroyers है.भारत इस श्रेणी के ४ डेस्ट्रॉयर्स बना रहा है जो २०२४ तक भारतीय नौसेना में शामिल हो जायेंगे.यह ३० नॉटिकल माइल्स की अधिकतम स्पीड के साथ 4,000 nautical miles के क्षेत्र में गश्त कर सकता है.इसका वाटर डिस्प्लेसमेंट 7,400 t (7,300 long tons; 8,200 short tons)है.२ हेलीकाप्टर इस पर तैनात किये जा सकते है.३०० क्रू मेंबर (50 officers and 250 sailors) इस पर तैनात रहेंगे.




3.Kali 5000(secret project):-काली (Kilo Ampere Linear Injector)-५००० प्रोजेक्ट भारतीय सेना का एक गुप्त प्रोजेक्ट माना जाता है.भारतीय सेना ने कभी ऐसे हथियार होने की घोषणा नहीं की है.यह लेज़र बेस्ड सिंगल shot weapon सिस्टम है.इस हथियार को भाभा रिसर्च सेण्टर के Accelerators & Pulse Power Division ने बनाया है.काली एक particle accelerator है जो electrons (Relativistic Electron Beams- REB) फायर करता है.यह एक हाई पावर Microwave gun है.देश की तरफ बढ़ते लड़ाकू विमानों,ड्रोन्स और मिसाइल को यह चुटकियो में नष्ट कर सकता है.काली सीरीज (KALI 80, KALI 200, KALI 1000, KALI 5000 and KALI 10000) के कई हथियार भारतीय सेना में शामिल है.इसे Il-76 aircraft पर लगाया गया है.

4.Agni 5-The killer Missile:-अग्नि मिसाइल भारत के मिसाइल बेड़े में सबसे घातक मिसाइल है.अग्नि अपने नाम के अनुसार दुश्मनो को आग के तूफ़ान से नष्ट कर देगा.इसकी सबसे घातक खूबी है MIRV तकनीक.इस तकनीक से यह मिसाइल एक साथ कई वारहेड ले जा सकता है.यह एक देश के कई शहरों,सैनिक ठिकानों अथवा कई देशो के दुश्मन ठिकानो पर एक साथ हमला करने में सक्षम है.इसे कही से भी फायर किया जा सकता है और देश के किसी भी हिस्से में तैनात किया जा सकता है.यह भारत की पहली ICBM है.इसकी रेंज ५०००-८००० किलोमीटर है.यह मिसाइल RLG( RING LASER GYROSCOPE) तकनीक से भी लैस है.इस तकनीक की सहायता से दुश्मन के ठिकानों पर बिलकुल सटीक हमला कर उसे बर्बाद किया जा सकता है.यह मिसाइल वॉरहेड पर एक टन तक का परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है.इससे कई स्थानों पर एक साथ परमाणु हमला भी किया जा सकता है.

5.Indian Ballistic Missile Defence Programme (एडवांस एयर डिफेंस और पृथ्वी एयर डिफेंस):-भारत खतरनाक पड़ोसियों से घिरा हुवा है.इनके पास खतरनाक मिसाइल और विमान है जिससे भारत की सुरक्षा को भायक खतरा है.आज के विश्व में आतंकी संगठनो के पास भी छोटे स्तर की मिसाइल है.भारत ने अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपना मिसाइल सुरक्षा सिस्टम बनाया है.इसका प्रथम चरण पूर्ण हो चूका है.भारत के दो शहर दिल्ली और मुंबई इस सुरक्षा चक्र से लैस है.यह सिस्टम २५०० किलोमीटर दूर से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर सकता है.दुसरे चरण के पूरा होने पर दोनो एंटी बैलिस्टिक मिसाइल एक्सो और एंडो-वायुमंडलीय (वातावरण के अंदर) क्षेत्र दोनों से 5000 किमी (3,100 मील) से आने वाली मिसाइलों को नष्ट कर सकती हैं.यह सिस्टम ९९.८% तक सटीक है.यह दो स्तरीय सुरक्षा चक्र है.पहले चक्र में पृथ्वी एयर डिफेंस शामिल है जो मिसाइलों को 50-80 किमी (31–50 मील) के एक्सो-वायुमंडलीय ऊंचाई पर रोक देगा और 30 किमी (19 मील) तक ऊंचाई पर एंडो-वायुमंडलीय में मिसाइल को रोकने के लिए एडवांस एयर डिफेंस मिसाइल है.इसका पहला चरण अमेरिका के पेट्रियट-३ मिसाइल डिफेन्स सिस्टम से बेहतर है.भारत के पास S -३०० सिस्टम है जो की ३०० किलोमीटर तक के किसी भी खतरे को ख़त्म कर सकता है.इसके आलावा भारत ने १२ S-४०० जैसा एडवांस मिसाइल डिफेन्स सिस्टम के लिए रूस से समझौता किया है.यह सिस्टम ५ वी जनरेशन के अतिआधुनिक विमानों को भी मार गिराने में भी सक्षम है.इसके अतिरिक्त भारत के पास उपलब्ध आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली में लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों और हवा से सतह मिसाइल जैसी हवाई लक्ष्यों को बेअसर करने की क्षमता भी है.आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली की कई रेजिमेंट भारत के वायुसेना अड्डों की सुरक्षा में तैनात है.भारत और इज़रायल ने बराक 8 नाम से एक नौसेना के लिए रक्षा प्रणाली विकसित की है.बराक 8एक लंबी दूरी की एंटी-एयर और एंटी मिसाइल नौसैनिक रक्षा प्रणाली है जिसे इज़रायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) और भारत के डीआरडीओ ने संयुक्त रूप से विकसित किया है.इस मिसाइल का नौसैनिक संस्करण समुद्र में युद्धपोतों को नुकसान पहुंचाने के लिए आने वाली दुश्मन की क्रूज मिसाइलों और लड़ाकू विमानों को नष्ट करने की क्षमता रखता है.

Image Source

जय हिन्द

Leave a Comment